Trade Marks Journal (ट्रेडमार्क जर्नल) ट्रेडमार्क रजिस्ट्री की ऑफ़िशियल पब्लिकेशन है, जिसमें जांच के बाद स्वीकार हुए नए ट्रेडमार्क आवेदन छापे जाते हैं। यह हर हफ़्ते IP India की वेबसाइट पर मुफ़्त PDF के रूप में आता है, और उस पर आम तौर पर सोमवार की तारीख होती है। जर्नल में किसी मार्क के छपने की तारीख से 4 महीने तक कोई भी उसका विरोध (ऑपोज़िशन) कर सकता है, इसलिए हर ब्रांड मालिक के लिए यह सबसे ज़रूरी दस्तावेज़ों में से एक है।
ट्रेडमार्क जर्नल क्या है?
Trade Marks Act, 1999 की धारा 20 के मुताबिक आवेदन स्वीकार होने के बाद रजिस्ट्रार उसे पब्लिक के लिए छापता है। कानून की भाषा में इसे "advertisement" कहते हैं, और यह ट्रेडमार्क जर्नल में होता है। Trade Marks Rules, 2017 के नियम 2 में जर्नल का मतलब वह जर्नल बताया गया है जो IP India की ऑफ़िशियल वेबसाइट पर उपलब्ध होता है। यानी अब यह छपी हुई किताब नहीं, ऑनलाइन PDF है।
कुछ खास मामलों में रजिस्ट्रार आवेदन को स्वीकार करने से पहले भी जर्नल में छाप सकता है (धारा 20)। दोनों हालात में मकसद एक ही है: रजिस्ट्रेशन से पहले हर किसी को मौका देना कि अगर कोई नया मार्क किसी और के ब्रांड से टकराता है, तो वह विरोध दर्ज कर सके।
जर्नल कब और कहां छपता है?
- कब: हर हफ़्ते, आम तौर पर सोमवार की तारीख के साथ। कोई नियम दिन तय नहीं करता। हर अंक का एक नंबर होता है, जैसे जर्नल नंबर 2283 की पब्लिकेशन डेट 19 अक्टूबर 2026 है।
- कहां: IP India के Trade Marks Journal पेज पर। वहां हर अंक के साथ दो तारीखें लिखी होती हैं: "Date of Publication" और "Date of Availability"।
- फ़ॉर्मेट: एक जर्नल कई PDF फ़ाइलों में बंटा होता है, क्लास के हिसाब से, जैसे "Class 1 - 9", "Class 10 - 25" वगैरह।
- फ़ीस: कोई नहीं। जर्नल देखने और डाउनलोड करने के लिए न फ़ीस लगती है, न लॉगिन।
जर्नल की एक एंट्री में क्या होता है?
हर छपे हुए आवेदन की एंट्री में आम तौर पर ये जानकारी होती है:
- एप्लिकेशन नंबर और आवेदन की तारीख
- क्लास, यानी 45 में से कौन-सी क्लास (1 से 34 सामान के लिए, 35 से 45 सेवाओं के लिए)
- मार्क: शब्द (word mark) या लोगो और डिज़ाइन (device mark) की इमेज
- आवेदक का नाम और पता, और अगर है तो एजेंट का पता
- इस्तेमाल का दावा: "Used Since" के साथ तारीख, या "Proposed to be Used", यानी अभी इस्तेमाल शुरू नहीं हुआ
- सामान या सेवाओं की लिस्ट, जिनके लिए रजिस्ट्रेशन मांगा गया है
- कोई शर्त या डिस्क्लेमर, अगर रजिस्ट्री ने लगाया है
"Used Since" की तारीख पर खास ध्यान दें। अगर आप उस तारीख से पहले से वही नाम इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपके पुराने बिल और विज्ञापन आगे बहुत काम आ सकते हैं।
जर्नल में और क्या छपता है?
नए आवेदनों के अलावा जर्नल में कुछ और नोटिस भी आते हैं, जैसे:
- पहले छपी एंट्री में सुधार (corrigenda)
- रिन्यूअल न होने पर रजिस्टर से हटाए गए मार्क की सूचना
- मशहूर (well-known) ट्रेडमार्क की लिस्ट
- मैड्रिड सिस्टम से भारत आए अंतरराष्ट्रीय आवेदन (IR division)
छपने के बाद किसी आवेदन में सुधार या बदलाव हो, तो रजिस्ट्रार उसे दोबारा विज्ञापित कर सकता है या जर्नल में सिर्फ़ उस बदलाव की सूचना छाप सकता है (धारा 20 और नियम 40)। दोबारा विज्ञापन (re-advertisement) होने पर 4 महीने की ऑपोज़िशन अवधि नए सिरे से शुरू होती है (धारा 21)।
जर्नल में अपना ब्रांड कैसे चेक करें
- अपनी क्लास पहचानें। आपका सामान या सेवा किस क्लास में आता है और कौन-सी क्लास उससे जुड़ी हैं, यह क्लास फ़ाइंडर (English) से देखें।
- सही PDF डाउनलोड करें। जर्नल पेज से अपनी क्लास वाली रेंज का PDF लें।
- नाम खोजें। PDF में Ctrl+F से अपना ब्रांड नाम खोजें। सिर्फ़ असली स्पेलिंग नहीं, मिलती-जुलती स्पेलिंग और सुनने में एक जैसे नाम भी देखें। जैसे SWADKART के लिए SWAADKART, SWADCART या SWAD KART।
- लोगो वाली एंट्री देखें। कई मार्क इमेज के रूप में छपते हैं, जिनका टेक्स्ट सर्च में नहीं आता। इन्हें पेज पलटकर आंख से देखना पड़ता है।
- जो मिले उसे नोट करें। एप्लिकेशन नंबर, क्लास, जर्नल नंबर और तारीख लिखें और डेडलाइन कैलकुलेटर से अनुमानित आखिरी तारीख निकालें। यह अनुमान है, इसलिए ऑफ़िशियल जर्नल में तारीख की पुष्टि करें।
- हर हफ़्ते दोहराएं। एक भी हफ़्ता छूटा, तो उस हफ़्ते छपा मार्क भी छूट सकता है।
हाल में छपे मार्क में अपना नाम एक बार में देखने के लिए फ्री ब्रांड चेक (English) भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यह आपके ब्राउज़र में ही चलता है।
जर्नल की तारीख इतनी अहम क्यों है?
जर्नल की पब्लिकेशन डेट से ही 4 महीने की ऑपोज़िशन विंडो शुरू होती है (धारा 21 और नियम 42), और यह समय बढ़ाया नहीं जा सकता। अगर इस दौरान कोई विरोध नहीं करता, तो आवेदन आम तौर पर रजिस्ट्रेशन की तरफ़ बढ़ जाता है। बाद में उसे हटवाने के लिए रेक्टिफ़िकेशन (धारा 57) जैसा लंबा और महंगा रास्ता ही बचता है।
गिनती उस जर्नल अंक की पब्लिकेशन डेट से करें जिसमें मार्क छपा है। दोनों तारीखें आम तौर पर एक ही होती हैं, पर कभी-कभी अंक बाद में ऑनलाइन आता है। जैसे जर्नल नंबर 2278 की पब्लिकेशन डेट 14 सितंबर 2026 है और उपलब्धता की तारीख 15 सितंबर। ऐसे में भी पहली तारीख, यानी पब्लिकेशन डेट से गिनना ही सुरक्षित है। विरोध करने का पूरा तरीका ट्रेडमार्क ऑपोज़िशन गाइड में है।
अगर आपका अपना आवेदन जर्नल में छपा है
इसका मतलब है कि आपका आवेदन जांच के बाद अगले स्टेज पर पहुंच गया है। अब 4 महीने तक कोई भी उसका विरोध कर सकता है। अगर कोई ऑपोज़िशन नहीं आता, तो आवेदन आम तौर पर रजिस्ट्रेशन की तरफ़ बढ़ता है (धारा 23)।
अगर ऑपोज़िशन आता है, तो नोटिस की कॉपी मिलने के 2 महीने के अंदर काउंटर स्टेटमेंट फ़ाइल करना ज़रूरी है। यह समय नहीं बढ़ता, और चूकने पर आपका आवेदन छोड़ा हुआ (abandoned) माना जाता है। इसलिए रजिस्ट्री में दिया गया अपना ईमेल और आवेदन का स्टेटस नियमित रूप से देखते रहें। ज़्यादा जानकारी काउंटर स्टेटमेंट गाइड (English) में है, और ऐसे मामले में किसी रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क एजेंट या एडवोकेट से बात ज़रूर करें।
हर हफ़्ते जर्नल पढ़ने का समय नहीं?
एक जर्नल में हज़ारों पेज होते हैं, और कारोबार चलाते हुए हर हफ़्ते उन्हें पढ़ना आसान नहीं। BrandKavach हमें मिलने वाले हर नए जर्नल अंक में आपके ब्रांड से दिखने या सुनने में मिलते-जुलते संभावित नाम ढूंढता है और अनुमानित आखिरी तारीख के साथ ईमेल पर अलर्ट भेजता है। यह काम हमें सौंपना चाहें, तो अपने ब्रांड की वॉच शुरू करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ट्रेडमार्क जर्नल कब छपता है?
ट्रेडमार्क जर्नल हर हफ़्ते IP India की वेबसाइट पर PDF के रूप में आता है, और उस पर आम तौर पर सोमवार की तारीख होती है। हर अंक का अपना जर्नल नंबर और पब्लिकेशन डेट होती है।
क्या ट्रेडमार्क जर्नल देखने के पैसे लगते हैं?
नहीं। जर्नल के PDF IP India के जर्नल पेज पर बिना किसी फ़ीस या लॉगिन के देखे और डाउनलोड किए जा सकते हैं।
जर्नल में छपने का मतलब क्या ट्रेडमार्क रजिस्टर हो गया?
नहीं। जर्नल में छपने का मतलब है कि आवेदन विरोध के लिए पब्लिक के सामने रखा गया है। 4 महीने में कोई ऑपोज़िशन न आए, या ऑपोज़िशन आवेदक के पक्ष में तय हो जाए, तब रजिस्ट्रेशन होता है।
जर्नल में अपने ब्रांड जैसा नाम दिखे तो क्या करें?
एप्लिकेशन नंबर, क्लास और जर्नल की तारीख नोट करें, 4 महीने की अनुमानित आखिरी तारीख निकालें और ऑफ़िशियल जर्नल में उसकी पुष्टि करें। फिर किसी रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क एजेंट या एडवोकेट से सलाह लेकर तय करें कि TM-O फ़ॉर्म में ऑपोज़िशन फ़ाइल करना है या नहीं।
संबंधित गाइड
स्रोत
यह गाइड सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं। तारीखें आधिकारिक ट्रेड मार्क्स जर्नल में जांचें और अपने मामले के लिए किसी ट्रेडमार्क एजेंट या वकील से बात करें।